मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के लिए बड़ी बात कही…सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि ये बहुत बड़ा फ्रॉड है रियल एस्टेट में उन्होने अब तक इतना बड़ा फ्रॉड नही देखा । आम्रपाली 42 हजार लोगों को उनका घर देने में नाकाम रहा है । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर इसमे 100 लोगों को भी जेल भेजना पड़े तो इंसाफ के लिए वो उन्हे जेल भेजेगा ।
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एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को होनी है । फिलहला आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कार्पोरेशन ( एनबीसीसी) ने कोर्ट के सामने हामी भर दी है । हालाकि इस पूरे प्रोजेक्ट को कंपलिट करने में 8 हजार 500 करोड़ रुपये की जरुरत पड़ेगी । मामले में सुनवाई कर रहे जस्टिस मिश्रा ने आम्रपाली के वकील से पूछा है कि क्या वो सारी संपतियां एनबीसीसी को सौंप सकते है इस पर उन्होने बेचेने वाली संपति की जानकारी दी । इस मामले में जस्टिस अरूण मिश्रा और यूयू ललित की बैंच सुनवाई कर रही है । एनबीसीसी की तरफ से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने प्रोजेक्ट को पूरा करने संबधी खर्च और तमाम दूसरी बाते बताई है । जस्टिस मिश्रा ने कहा है कि आम्रपाली ग्रुप ने खरीदारों के 2700 करोड़ रुपये डायवर्ट किए थे । कोर्ट हर पहलू देख रहा है । पैसा कही भी गया हो कोर्ट निकलवा लेगी । कंपनी की सभी संपतियों और खातों का फॉरेंसिक ऑडिट कराना होगा…इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा और एएसजी पिकी आनंद से तीन स्वतंत्र ऑडिटर्स के नाम मांगे गए है ।
ग्राहको के हित में सुप्रीम कोर्ट का ये बड़ा फैसला है ।

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